विधानसभा भवन भोपाल:-
1956 में विधानसभा भवन के लिए मिंटो हॉल का चयन किया गया था । नए भवन का उद्घाटन 1996 को तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ . शंकर दयाल शर्मा ने किया था । जिसका नाम इंदिरा गांधी विधानसभा रखा गया है । इस भवन के डिजाइनर विख्यात वास्तुविक चार्ल्स कोरिया थे , उसके द्वार पर जीवन वृक्ष 'नामक एक विशाल पेड़ है ।
सफरनामा - ए - मिंटो हॉल:-
मिंटो हॉल के निर्माण की कहानी बहुत ही रोचक है । गवर्नर जनरल लॉर्ड मिंटो अपनी पत्नी के साथ भोपाल आये थे । उनके ठहरने की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्होंने नाराजगी जाहिर की।सुल्तान - जहाँ - बेगम ने फौरन ही इस नायाब इमारत को बनवाने का फैसला किया । चूंकि इसकी आधारशिला वायसराय लॉर्ड मिंटो ने रखी इस लिहाज से इसका नाम मिंटो हॉल रख दिया गया । इसे लाल कोठी भी कहा जाता है । इमारत के मुख्य वास्तुकार ए . सी . रोवन थे । आर्मस्ट्रांग , घोंधी और सैय्यद अली इसके ठेकेदारों में शामिल हैं । यह इमारत 12 नवम्बर 1909 को बननी शुरू हुई जो 24 साल में बनकर तैयार हुई । मिंटो हॉल का सफर रियासत से शुरू होकर पुलिस ने गाँव में और सेना कार्यालय से गुजरता हुआ 1946 में भोपाल के पहले इंटर उद्घाटन कॉलेज तक पहुँचा । मिंटो हॉल 1 नवम्बर 1956 से 1997 तक होजना को विधानसभा भवन रहा । कभी शाही गेस्ट हाउस रहा मिंटो हॉल अब ने वाला कन्वेन्शन सेंटर में तब्दील हो जायेगा ।
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